बलौदा बाजार वन मंडल अंतर्गत कसडोल उप मंडल के सोनाखान परिक्षेत्र में पदस्थ रहते हुए परिक्षेत्र अधिकारी श्रीमान सुनीत साहू ने अपने मातहत कर्मचारियों को इस कदर प्रताड़ित किया की क्षुब्ध होकर कर्मचारियों ने एक स्वर में इसका विरोध शुरू कर दिया । यहां तक की कर्मचारियों ने वन मंडल अधिकारी बलोदा बाजार को इस बात की शिकायत भी लिखित में की है जो एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है । श्रीमान 108 श्री सुनीत साहू ने उसके विरुद्ध चल रही जांच समिति के सामने ही तमाम वन कर्मचारी और उपस्थित जनों को गोली मारने की मंशा जाहिर की।
दरअसल बलोदा बाजार के ईमानदार वन मंडल अधिकारी द्वारा एक दूसरे ईमानदार अधिकारी सुनीत साहू परिक्षेत्र अधिकारी सोनाखान के विरुद्ध जांच समिति गठित की थी । इस जांच समिति के सामने दिनांक 22 सितंबर 2025 को सुनीत साहू ने, प्रतिक्रिया व्यक्त की, कि 15 अगस्त 2025 को मैं उत्तेजित हो गया था । अगर मेरे हाथ में बंदूक होती तो उपस्थित समस्त स्टाफ को गोली मार देता । सभी प्रताड़ित कर्मचारियों ने आगे यह भी लिखा है कि यदि उन्हें किसी अप्रिय घटना से गुजरना पड़ा तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी श्री सुनीत साहू परिक्षेत्र अधिकारी सोना खान की होगी । कायदे से कथित ईमानदारवन मंडल अधिकारी द्वारा इस पत्र के आधार पर बलौदा बाजार या कसडोल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की जानी चाहिए । क्योंकि यह एक तरह से जान से मारने की धमकी जैसा अपराधिक कृत्य साबित होता है । परंतु आश्चर्य की बात है की बलोदा बाजार वन मंडल अधिकारी ने इस पत्र को भी संज्ञान में ना लेते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया और सुनीत साहू को क्लीन चिट प्रदान कर दी ।
ऐसा वह अरण्य भवन के किस अधिकारी के निर्देश पर कर रहे थे यह तो वही जाने पर जिस प्रकार आपराधिक कृत्य बिलासपुर और बलौदा बाजार वन मंडल में सुनीत साहू ने अंजाम दिए हैं, जानकार बताते हैं कि यदि ठीक से जांच की जाए तो महोदय जेल में रहेंगे । बहरहाल अभी भी यह शोध का विषय है की मुख्यालय में बैठा कौन सा अधिकारी सुनीत साहू को बचाने में लगा है ।