समस्त वन कर्मचारी अधिकारी सोना खान वन परिषद दिनांक 13 अगस्त 2025 को श्रीमान वन मंडल अधिकारी बलोदा बाजार को पत्र लिखकर सुनीत साहू द्वारा फर्जी प्रमाणक तैयार कर राशि आहरण कर गबन किया गया था मजदूरों का भुगतान लंबित था उन्होंने वन मंडल अधिकारी से जांच टीम गठन कर कार्रवाई करने की मांग की लेकिन न जाने एक ईमानदार छवि रखने वाले वन मंडल अधिकारी ने एक तरफ जांच कर सुनीत साहू को क्लीन चिट प्रदान कर दी।
यही नहीं वन परिषद सोनाखान के कार्यरत समस्त वन कर्मियों ने जिम वनपाल वनरक्षक वन चौकीदार और सुरक्षाकर्मी आते हैं ने अधिकारी सुनीत साहू द्वारा अभद्र व्यवहार करने और हमेशा वेतन रोकने सस्पेंड करने और जेल भेजने की धमकी देकर डरने का आरोप भी लगाया है
वही दिनेश कुमार वैष्णव कंप्यूटर ऑपरेटर पर क्षेत्र सोनाखान के द्वारा समस्त कर्मचारियों को सही तरीका सही ढंग से बात नहीं करने और फर्जी प्रमाणिक राशि भुगतान होने पर पैसों की मांग कर्मचारियों से करने प्रमाणक के कार्यरत श्रमिकों की भुगतान राशि को कार्यरत श्रमिकों के खाते में ना डालकर अपने निजी व्यक्तियों के खातों में डालने की शिकायत भी की है
परिक्षेत्र कार्यालय में कार्यरत अन्य कंप्यूटर ऑपरेटर सोमनाथ वर्मा कसडोल और देवानंद पटेल पीली के खाते में कार्य श्रमिकों का वेतन डालने हेतु दबाव बनाया जाता है दबाव में आकर काम बंद करने के दर से अपने खाते में डालकर राशि जमा होने पर दिनेश कंप्यूटर ऑपरेटर के द्वारा श्री सुनीत साहू परिषद अधिकारी सोना खान के जमा राशि का मांग किया जाता है कहकर राशि आरंग PHONE PAY के माध्यम से अपने खाते में ट्रांसफर कराई जाती है इस मामले की जांच भी ईमानदार बलौदा बाजार वन मंडल अधिकारी ने करवाई और सुनीत साहू को क्लीन चिट दे दी
इस कहानी का सर यह है कि वन परिषद अधिकारी सोना खान श्री सुनीत साहू द्वारा फर्जी प्रमाणिक तैयार कर राशि आहरण तो जरूर की गई लेकिन मजदूरों का भुगतान लंबित रह गया उन्होंने ईमानदार वन मंडल अधिकारी से गुजारिश भी की जांच टीम बनाकर उचित कार्रवाई करने का कृपा करें
लेकिन इस ईमानदार वनमंडल अधिकारी ने उल्टे सुनीत साहू को ही एक तरफ जांच में क्लीन चिट प्रदान कर दी आगे हम उसे जांच रिपोर्ट को आपके सामने रखेंगे जो बलौदा बाजार के कथित ईमानदार वन मंडल अधिकारी ने अपने मटक कर्मचारियों से करवरकर दूसरे ईमानदार अधिकारी सुनीत साहू को क्लीन चिट दे दी
इसके बाद तमाम जगलरी हुई और जैसे तैसे सुनीत साहू का स्थानांतरण गरियाबंद वन मंडल अंतर्गत धवलपुर रेंज में उत्पादन विभाग में कर दिया गया। आश्चर्य की बात बात यह है की सुनीत साहू वहां जॉइनिंग देकर खसक गया और अब तक मात्र चार या पांच बार दृष्टिगोचर हुआ है यानी लगातार अपनी नई पदस्थापना कार्यालय से नदारत रहा है । ऐसे में कार्यालय में अनुपस्थित रहते हुए किस तरह उसकी वेतन की गणना की जा रही है और उसे वेतन दिया जा रहा है जांच का विषय है ।