भूपेश सरकार की नरवा बंधान योजना पूरे प्रदेश ही नहीं अपितु देश में भी जल संरक्षण की दिशा में एक अध्याय बना चुकी है। इस योजना के तहत वनांचलों में जिन जिन नालों का रिज 2 वैल्ली उपचार किया गया वह अतुलनीय है। उस इलाके का जलस्तर में आया सुधार इस बात का द्योतक है की अगर दृढ इच्छा शक्ति से किसी भी महती योजना का क्रियान्वय किया जाय तो परिणाम भी बेहतर ही हासिल होते हैं।
अबूझमाड़ क्षेत्र से लगा कोयलीबेड़ा रेंज के परेतिन नाला पर बना खैरकट्टा अर्दन डैम इस गर्मी में भी अपने आंचल में जल समेट हुआ है । अब जब वर्षा ऋतु दस्तक दे रही है इसके पहले तक इतनी भीषण गर्मी में जल राशि की उपलब्धता जंगली जानवरों और आसपास के ग्रामीणों के निस्तार के लिए काफी होगी । कैंपा मद से मरम्मत के लिए भेजी गई राशि का सदुपयोग भी भली भांति परिलक्षित हो रहा है ।
जिन हाथों ने जल संरक्षण की दिशा में इसे संवारा है वह साधुवाद के पात्र हैं । N R M इंजीनियर न्यूरेटि के मार्गदर्शन में स्थानीय रेंजर डिप्टी रेंजर और बीट गार्ड समेत सभी मजदूर पुन्य के भागी होंगे
कोयली बेडा से लौट कर अजय शर्मा।