Tuesday, May 12th, 2026

Dr Boa चख रहे पेंशन की मलाई

छत्तीसगढ़ शासन प्रशासन में किसी भी शिकायत का क्या परिणाम होता है यह जग जाहिर है। आप महानुभावों को याद भी नहीं होगा के कभी एक कड़क प्रधान मुख्य वन संरक्षक हुआ करते थे डॉक्टर बो आ । राज्य निर्माण के बाद इन्होने छत्तीसगढ़ पर्यटन और संस्कृति की हुलिया सुधर का काम भी डेपुटेशन में किया था। अपने हिटलर टाइप कड़क प्रशासकीय नियंत्रण के लिए प्रख्यात डॉक्टर बो आ सफलता पूर्वक अपना कार्यकाल पूरा करते हुए रिटायर कर दिए गए । यह बात और है कि अलोकप्रियता के चलते अंतिम समय में उन्हें हॉफ पद से हटाकर अनुसंधान करने भेज दिया गया । इधर एक्सपोज़ सी जी के हाथ एक पुरानी शिकायत लगी है जिसमें डॉक्टर बाबू के द्वारा अपने सेवा काल में बिना विधिक अनुमति के लगभग 8 माह तक शासकीय सेवा से गैर हाजिर रहने की शिकायत साक्ष्य समेत की गई थी। मगर शासन प्रशसन के कानो में जूं भी नहीं रेंगी।


अगर इस शिकायत को सही माना जाए तो डॉक्टर साहब को दिनांक 11 नवंबर 2016 एवं 22 दिसंबर 2016 और 8 मार्च 2016 को नोटिस एवं पत्राचार के माध्यम से विभिन्न सक्षम अधिकारियों द्वारा नोटिस देकर अनुपस्थित रहने के संबंध में जवाब मांगा गया था , परंतु उन्होंने इसका उत्तर देना वाजिब नहीं समझा। फिर भी शासन ने कोई भी कार्यवाही नहीं की और उन्हें बाकायदा बा इज्जत रिटायर कर दिया और पेंशन की मलाई भी परोस दी।

शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में उनकी समस्त देवस्त्वों के निर्धारण में अनुपस्थित काल की गणना का अनुरोध भी किया है । पर नतीजा सिफर ही रहा और डॉक्टर साब आराम से पेंशन की मलाई चखने में कामयाब रहे हैं ।। इति।।

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