कुछ हुआ यूँ कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा निर्मित टाटीबंद की एक दुकान पर रामस्वरूप खंडेलवाल जी ने वर्षों से अवैध कब्ज़ा जमा रक्खा है , यही नहीं उस दुकान को एक अन्य हितग्राही श्रीमान महेश लालवानी को किराये पर भी दे दिया। अब मंडल कर्मचारी उसे कब्जा खली करने नोटिस पर नोटिस भेज रहे हैं और खंडेलवाल मंडल कर्मचारियों को ही हड़काने में लगा है। लिहाजा अधिकारीयों ने आमानाका थाणे में FIR की अर्जी लगा दी है , पर नतीजा सिफर है।
इस मामले में अधिकारीयों की सांठ गांठ से भी इंकार नहीं किया जा सकता। मामले के जिम्मेदार कार्यपालन अधिकारी संदीप साहू ठाणे में FIR करने की सिर्फ खानापूर्ति ही कर रहे है वहीं मंडल के उच्च अधिकारीयों को अँधेरे में रखा जाकर खंडेलवाल से मोटी रकम वसूली जा रही है।
EXPOSCG के हस्तक्षेप के बाद ठाणे में सिर्फ FIR का आवेदन ही लगाया गया , मगर अब तक FIR दर्ज नहीं की जा सकी है। थाना इंचार्ज सिन्हा ने मंडल के सहायक अभियंता से दुकान के स्वामित्व सम्बन्धी दस्तावेज बुलवाये। जिसे सम्पदा अधिकारी ने अब तक ठाणे नहीं भिजवाया। इस तरह मामले की जानकारी होने के बाद भी सम्पदा अधिकारी , और कार्यपालन अधिकारी ने कोई दिलचस्पी दुकान का कब्जा खाली कराने में नहीं ली। राजशेखर की रिपोर्ट। .