इस बार जब स्काईवॉक का ठेका फिर से दिया गया है तो निर्माण कंपनी पीएसएए ने लगभग 1 महीने बाद काम शुरू किया है वही बारिश की समस्या को देखते हुए वेल्डिंग के काम नहीं हो सक रहे हैं क्योंकि पूरा स्ट्रक्चर बार-बार पानी में भीग जाता है और बारिश के चलते वेल्डिंग संभव नहीं है।
इसी प्रकार ब्रिज कॉरपोरेशन ने अभी तक नगर निगम को शास्त्री चौक पर बने हुए होल्डिंग्स हटाने का पत्र नहीं भेजा है , यदि भेजा भी है तो जिम्मेदार निगम अधिकारीयों / नव निर्वाचित मेयर ने अब इस दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की है और अब तक होर्डिंग चौक में शान से विद्यमान हैं।
आश्चर्य की बात तो यह है की चारों तरफ घुमावदार ब्रिज बनने की जगह क्लियर करने के साथ-साथ यातायात भी बाधित करना पड़ेगा , वहीं यह होर्डिंग भी स्काईवॉक के मुख्य हिस्से अर्थात शास्त्री चौक पर बनने वाले गोल हिस्से में व्यवधान खड़ा कर सकते हैं ।
यानी किसी भी कीमत पर निर्माण अवधि 10 महीने में होल्डिंग हटाए नहीं जा सकेंगे क्योंकि होल्डिंग लगाने वाली एजेंसी के भी अपने कॉन्ट्रैक्ट हैं जो 1 साल से ऊपर के लिए किए गए हैं। यानी निश्चित है कि बारिश के मौसम के चलते और होल्डिंग हटाने की समस्या को लेकर 10 महीने की अवधि यूं ही बीत जाएगी और निर्माण पूरा नहीं हो सकेगा इस तरह एक्सटेंशन की मांग की जाएगी और समझौता ठेके की राशि भी बढ़ाई जा सकती है। अच्छा होता यदि पीडब्ल्यूडी का ब्रिज कॉरपोरेशन ठेका टेंडर होने के पहले ही होर्डिंग हटाने की कार्रवाई करवा चुका होता ।इति।