Thursday, April 30th, 2026

आखिर कौन बचा रहा है सुनीत साहू को

अब जब हमने आम जनों को सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार की कहानी बतानी शुरू की तो हमारे एक वन विभागीय मित्र का फोन आया और उन्होंने कहा कि यह सब तो पुरानी कहानी है वन क्षेत्रपाल सुनीत साहू कब से इसकी सेटिंग कर क्लीन चिट पा चुका होगा तो हमने भी सोचा कि आखिर ऐसा कौन सा क्षम्य अपराध सुनीता साहू ने किया है , और चढ़ावा चढ़ाया , जिसकी वजह से आला अधिकारियों ने उसको क्लीन चिट दे दी । बहरहाल हम तो जांच के हर पन्ने को आम जनों के लिए समीक्षा करेंगे ताकि कम से कम आम जनों को भी इस बात की शुद्ध वालों की कितना भ्रष्टाचार करने पर अपराध क्षम्य हो सकता है यदि आला अधिकारी मेहरबान हो। मेहरबान से आप समझ ही गए होंगे की रकम ठीक-ठाक पहुंच जाए तो अपराध क्षम्य अन्यथा दोषी।अब कहानी आगे कहती है की इसी प्रकार परिक्षेत्र सहायक भैंस जहर परिक्षेत्र रतनपुर द्वारा अपने आवेदन पत्र दिनांक 28 फरवरी 2023 में यह लेख किया है की मां नवंबर 2022 में परिक्षेत्र अधिकारी रतनपुर को प्रदायित धनादेश में भैंस जहर परिवर्तित के अंतर्गत राणा गांव भैंस जहर बीट में तथा क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण क्षेत्र में कराए गए पट्टी बिडिंग कार्य का और फायर वॉटर अग्नि सुरक्षा श्रमिक का भुगतान के लिए राशि जारी की गई थी परंतु श्री सुनीत साहू द्वारा उक्त कार्य के लिए इन श्रमिकों को जिम नितेश कुमार की राशि रुपए 3235 श्री भरू राम की राशि रुपए 3235 श्री विक्रम कुमार की राशि 36533 श्री लखन सिंह की राशि 3235 श्री शशि कुमार की राशि 36533 घनश्याम की राशि 36533 इंदिरा राम की राशि रुपए 3070 कुल राशी रुपए दो लाख 9374 आज दिनांक तक भुगतान लंबित है सुनीत साहू द्वारा माह नवंबर 2022 के लेख में उक्त श्रमिकों का भुगतान पूर्ण बताते हुए गलत लेखा का संधारण किया गया श्री सुनीत साहू द्वारा मजदूरी भुगतान में रुचि नहीं ली गई और अपने पति या कर्तव्य का सही-सही पालन नहीं किया गया और शासकीय कार्य में लापरवाही प्रदर्शित की गई परिक्षेत्र में कराए गए सभी कार्यों का सही समय पर सही भुगतान करना और लेख तैयार करना या लेख का समायोजन कर वन मंडल कार्यालय में लेखा जमा करने का प्राथमिक उत्तरदायित्व और अन्य 20 श्रमिकों के द्वारा की गई शिकायत के अनुसार पारिश्रमिक भुगतान में अनावश्यक विलंब करना और परिक्षेत्र सहायक भैंस जहर द्वारा नामित सात मजदूरों का भुगतान नहीं होने की पुष्टि होती है जो सुनीत साहू के कार्य के प्रति उदासीनता का परिचायक है श्री सुनीत साहू द्वारा राशी रुपए दो लाख 9374 का श्रमिकों को पारिश्रमिक भुगतान न कर वित्तीय अनियमित किया गया इस प्रकार साहू द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन कर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण और अपील नियम 1966 के अंतर्गत सुनीत साहू ने स्वयं को पृथ्वी उत्तर पत्र प्राप्ति के 10 दिवस के भीतर वन मंडल अधिकारी बलोदा बाजार वन मंडल के माध्यम से इस कार्यालय को प्रस्तुत करें अन्यथा इस संबंध में आपको कुछ नहीं कहना है यह मानते हुए आपके विरुद्ध एक पक्षी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसकी संपूर्ण जवाबदारी आपकी होगी .जारी

SHRI SUNIT SHU JI

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