छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग में इस वक्त पोल घोटाला छाया हुआ है। प्राथमिक तौर पर मिली जानकारी के अनुसार जंगलों में सड़क किनारे वृक्षारोपण और कूप को जानवरों से सुरक्षित रखने के लिए सीमेंट के पोल खरीदे जाते हैं बस इसी पोल खरीदी पर रिटायर्ड हो चुके एक मंत्री के कृपापात्र अधिकारी की नजर पड़ गई और एक ही जायसवाल कंपनी से दो अलग-अलग रेट पर जेम पोर्टल के माध्यम से प्रोसेस्ड पोल खरीदी करके लगभग 22 करोड़ का घोटाला कर लिया गया और पैसे किसकी किसकी जेब में गए या एक ही छत के नीचे बट गए यह शोध का विषय है । इस जायसवाल कंपनी ने पूरे छत्तीसगढ़ के सभी डिवीजन में 415 रुपए का प्रोसैस्ड पोल जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदी दिखाकर भेजा है और यही पोल रायपुर डिवीज़न में 213 रुपए के रेट पर ओपन टेंडर के माध्यम से खरीदा गया है। इस प्रकार लगभग 22 करोड़ 20 लाख रुपए की गफलत कर ली गई और यह पैसे मात्र एक छत के नीचे बैठे अधिकारी सिंह ने कर दिखाए । खबरें खुलती रहेगी , हम आगे बढ़ते रहेंगे। कुछ पुरानी जानकारी भी आपके परोसी जाएगी , नए घोटाले तो चलते ही रहेंगे। पूरा कुनबा मालामाल होता रहेगा । इति ।