Thursday, April 30th, 2026

Tag: CHHATTISGARH

न भूतो न भविष्यति

छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही बंटवारे में भारी भरकम प्रशासनिक अधिकारीयों का अमला आ गया , राज्य की अधोसंरचना को मूर्तरूप देने। लिहाजा उनके रहने के लिए आवास व्यवस्था के तहत सबसे...

प्रदेश के कार्यालयों में नहीं ली जा रही बायोमैट्रिक अटेंडेंस ❓

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के किसी भी सरकारी कार्यालय में अब तक बायोमैट्रिक अटेंडेंस का इंतजाम नहीं है । किन अधिकारी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस जरूरी है इसकी गाइडलाइन भी नहीं है यदि...

रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में जाति प्रमाण पत्र सत्यापन ?

छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्व विद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर लेक्चरर एवं कर्मचारियों के जाति प्रमाणपत्र सत्यापन का पेंच फंस गया है। लगभग १८ कर्मचारियों ने तो शासन के आदेश के विरुद्ध अनुसूचित...

EXPOSECG BREAKING वन विभाग आरा मिलों को समय देगा व्यवस्थापन के लिए।

बिलासपुर से कमल दुबे के साथ अजय शर्मा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार नवंबर 2016 में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारत भर में काष्ठ आधारित उद्योग(स्थापना एवं विनियमन) दिशा-निर्देश जारी किये,...

पैदा कराने गए थे वनभैंसा, पैदा हो गई देसी मुर्रा भैंस?

पैदा कराने गए थे वनभैंसा, पैदा हो गई देसी मुर्रा भैंस? छत्तीसगढ़ वन विभाग परेशान…बच्चा कैसे पैदा कराया जावे? प्रमुख सचिव वन के समक्ष प्रस्तुत किया गया छत्तीसगढ़ वन विभाग के अधिकारियों की अदूरदर्शिता...

वन विभाग हाथियों के लिए खरीदेगा सड़ा गला धान !

जी हाँ , आप सही पढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में हाथी प्रबंधन हेतु वन विभाग जल्द ही मार्कफेड से सड़ा गला धान खरीदने की तैयारी कर रहा है। या यूँ कहें कि मार्क फेड...

अटल बने देश के सबसे बड़े NGO के अध्यक्ष ?

जी हाँ सुन कर चौंक गए न ? पर ये सच है कि बिलासपुर के कांग्रेस के कर्मठ , कद्दावर नेता श्री अटल श्रीवास्तव जी , सम्भवतः देश के सबसे बड़े NGO के अध्यक्ष...

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में “कहीं ये वो तो नहीं “

शायद किसी अंग्रेज अफसर ने भारत दौरे के बाद अभद्र टिपण्णी की थी , “इंडिया इस ए व्हास्ट लैट्रीन ” | सन 2014 में जब केंद्र में भाजपा की सरकार आयी तब आदरणीय प्रधान...

श्रीरंग को टूरिज्म सेक्रेटरी का खुला संरक्षण , ACS भी पाठक के प्रभाव में ?

दरअसल 2019 में कांग्रेस की सरकार विशाल बहुमत के साथ जब प्रदेश में काबिज हुई तो भाजपा के तमाम भ्रष्टाचारियों ने नए ठिकाने ढूंढने शुरू किये और शनैः शनैः उनको शेल्टर मिल ही गया।...

एक थे गोरेलाल ठाकुर , लिख गए असलियत पाठक की , अधिकारियों के कानों में जूं भी नहीं रेंगी।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का दुर्भाग्य है कि इसमें बैठे अधिकारी कर्मचारी ही एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का काम बखूबी निभा रहे हैं , और जब हम उसे निथारने का काम कर रहे हैं...